दिल्ली के ‘पावर कॉरिडोर’ में एंट्री! नीतीश कुमार को मिला 3 एकड़ में फैला VIP बंगला, पड़ोस में अमित शाह और राहुल गांधी

नीतीश कुमार को दिल्ली के लुटियंस जोन में टाइप-8 वीवीआईपी बंगला मिला, जो अमित शाह और राहुल गांधी के आवास के करीब है, इससे उनकी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता के संकेत मिलते हैं।

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नई दिल्ली: बिहार की राजनीति से आगे बढ़कर अब राष्ट्रीय मंच पर सक्रिय हो रहे जेडीयू नेता और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को दिल्ली के सबसे वीवीआईपी इलाकों में से एक लुटियंस जोन में नया सरकारी आवास मिल गया है। सुनहरी बाग रोड पर स्थित टाइप-8 श्रेणी का यह बंगला करीब तीन एकड़ में फैला हुआ बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उनका यह नया ठिकाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सरकारी आवास के बेहद करीब है। राजधानी के इस पावर कॉरिडोर में नीतीश कुमार की मौजूदगी को राजनीतिक तौर पर भी काफी अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुनहरी बाग इलाके में इस श्रेणी के आवास के आवंटन और मरम्मत की प्रक्रिया पहले से चल रही थी।

100-150 मीटर के दायरे में दिग्गज नेता

नीतीश कुमार का नया आवास दिल्ली के सबसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका बंगला अमित शाह के घर से करीब 150 मीटर की दूरी पर है, जबकि राहुल गांधी का निवास भी महज 100 मीटर के आसपास है। इसी इलाके में बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन का आवास भी मौजूद बताया जा रहा है। ऐसे में यह पूरा क्षेत्र देश की सक्रिय राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है।

क्या खास होता है टाइप-8 बंगले में?

टाइप-8 श्रेणी के सरकारी आवास राजधानी के सबसे प्रीमियम बंगलों में गिने जाते हैं। ये आमतौर पर वरिष्ठ मंत्रियों, बड़े सांसदों, पूर्व राष्ट्रपतियों और उच्च पदों पर रहे नेताओं को दिए जाते हैं। इन बंगलों की खासियतें हैं-करीब 3 एकड़ का बड़ा परिसर, विशाल लॉन और खूबसूरत गार्डन, 5 बेडरूम, बड़ा लिविंग और डाइनिंग एरिया. स्टडी रूम, गैरेज, हाई सिक्योरिटी जोन, 24×7 CCTV निगरानी। इन बंगलों को खास तौर पर वीवीआईपी मूवमेंट और गोपनीय बैठकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है।

सुरक्षा और आवंटन की प्रक्रिया

लुटियंस दिल्ली का यह इलाका देश के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और कई केंद्रीय मंत्रियों के घर मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियों की लगातार निगरानी इसे हाई सिक्योरिटी जोन बनाती है। सरकारी आवासों का आवंटन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और संबंधित समितियों की प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसमें पद, वरिष्ठता और उपलब्धता को ध्यान में रखा जाता है।

 

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।