
West Bengal Elections : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से बंधक बनाने और उत्पीड़न के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मालदा जिले के मोथाबाड़ी क्षेत्र में हुई इस घटना के सिलसिले में NIA ने TMC के कई स्थानीय नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया है। सभी को 3 मई को कालियाचक थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस समय का है जब कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नामों का सत्यापन कर रहे थे। आरोप है कि मोथाबाड़ी में कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर करीब 9 घंटे तक बंधक बना लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
बताया जा रहा है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, उनके एक समूह ने इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया।
किन नेताओं पर कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार, सुजापुर सीट से TMC उम्मीदवार सबीना यास्मिन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान को भी नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा कालियाचक ब्लॉक-1 के TMC अध्यक्ष मोहम्मद सारिउल को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी NIA को सौंपी गई है। इससे पहले राज्य पुलिस की CID ने इस केस के एक प्रमुख आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था, जिसे इस घटना का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
चुनावी माहौल पर असर
राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान पूरा हो चुका है और अब 4 मई को मतगणना होनी है। ऐसे में इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और सभी की नजरें अब रिजल्ट के साथ-साथ इस मामले की जांच पर भी टिकी हैं।

