Child Abuse: अरवल जिले में एक माँ ने अपनी 12 वर्षीया पुत्री को 16,000 रुपये और 10 साड़ियों के बदले बेच दिया, जिसके बाद खरीदार और एक ऑटो चालित व्यक्ति ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता को बाद में कैंट स्टेशन के नजदीक छोड़ दिया गया। पुलिस ने पीओसीएसओ एक्ट के तहत माँ, खरीदार और ऑटो चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच में पता चला है कि माँ और बच्ची भीख माँगकर जीवन यापन करते थे। करीब चार महीने पहले ट्रेन में मुलाकात के दौरान लहरू यादव नामक एक व्यक्ति ने माँ से कहा कि वह उसकी बेटी से विवाह करना चाहता है और उसे सुखी रखेगा। लहरू ने बताया कि उसकी पहली पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और उसके दो बच्चे हैं, इसलिए वह शादी करना चाहता है। यह सुनकर माँ सहमान गई और बेटी की शादी के लिए राज़ी हो गई।
माँ ने कहा कि उसने लहरू से अपनी बेटी के बदले 16,000 रुपये और 10 साड़ियाँ प्राप्त कीं और वापस चली आई। लहरू ने नाबालिग को अपने घर ले जाकर गांव के मंदिर में विवाह कर लिया। उसके बाद करीब चार महीने तक उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने आपत्ति जताई तो 19 मई को लहरू ने अचानक उसे मायके पहुंचाने का बहाना कर कैंट स्टेशन पर छोड़ दिया और फरार हो गया।
स्टेशन पर एक ऑटो चालक, रवि वर्मा, ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने का वादा किया और रात में सोनातालाब के पास किराये के मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने नाबालिग के खिलाफ मारपीट की धमकी भी दी। अगले सुबह ऑटो चालक पीड़िता को सड़क किनारे छोड़कर भाग निकला। स्थानीय लोगों ने रोती हुई लड़की को देख पुलिस को सूचना दी और सारनाथ थाने की टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ में पीड़िता ने पूरी घटना का ब्योरा दिया, जिसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत माँ, खरीदार और ऑटो चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

