
हिंदी और मराठी संगीत जगत की मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम निधन हो गया। उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज ने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। उनके निधन की खबर से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 1960 और 70 के दशक में उन्होंने कई ऐसे सदाबहार गीत गाए, जो आज भी श्रोताओं की पसंद बने हुए हैं।
उम्र संबंधी समस्याओं के कारण हुआ निधन
सुमन कल्याणपुर की करीबी मित्र और उनकी मराठी जीवनी ‘सुमन सुगंध’ की लेखिका मंगला खाडिलकर ने बताया कि बढ़ती उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका निधन हुआ। उन्होंने रविवार रात करीब 8 बजे मुंबई के लोखंडवाला स्थित अपने घर पर शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। बताया गया कि अपने अंतिम दिनों में वह अपने ही गाए पुराने गीतों को सुनती रहती थीं और उन्हीं यादों के साथ उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा।
800 से अधिक गीतों को दी अपनी आवाज
28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत के भवानीपुर (अब बांग्लादेश) में जन्मी सुमन कल्याणपुर ने अपने लंबे संगीत करियर में 800 से अधिक फिल्मी और गैर-फिल्मी गीत गाए। उनकी आवाज में एक अलग मिठास थी, जिसने उन्हें अपने दौर की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल किया।
उन्होंने ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’, ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे कई सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज दी। उस समय जब लता मंगेशकर का फिल्म इंडस्ट्री में दबदबा था, तब भी सुमन कल्याणपुर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और श्रोताओं के बीच खास स्थान हासिल किया।
बॉलीवुड और राजनीति जगत ने दी श्रद्धांजलि
सुमन कल्याणपुर के निधन पर बॉलीवुड और राजनीति जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पावर ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी सुरीली और भावपूर्ण आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध बनाया। उन्होंने कहा कि सुमन के निधन के साथ भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।
संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
सुमन कल्याणपुर का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनकी आवाज और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। संगीत प्रेमियों के दिलों में उनकी यादें और उनके अमर गीत हमेशा जीवित रहेंगे।

