
बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में फिल्म तेरे मेरे सपने से की थी। हालांकि, इस फिल्म तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। हाल ही में उन्होंने अपने शुरुआती ऑडिशन दिनों को याद करते हुए एक रोचक किस्सा साझा किया।
रिजेक्शन से टूटता था दिल
चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि उस दौर में आज की तरह प्रोफेशनल कास्टिंग एजेंसियां नहीं होती थीं। कलाकारों को किसी तरह पता चलता था कि कहीं ऑडिशन हो रहा है, तो वे वहां पहुंच जाते थे। कई बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ता था, जिससे निराशा भी होती थी। अभिनेता के अनुसार, प्रतिभा के साथ-साथ सही समय का होना भी बेहद जरूरी होता है।
फोन नहीं आया तो समझे रिजेक्ट हो गए
चंद्रचूड़ ने बताया कि जब उन्होंने तेरे मेरे सपने के लिए ऑडिशन दिया, तब उन्हें फिल्म की स्क्रिप्ट भी दी गई थी। उनका ऑडिशन जया बच्चन, अमिताभ बच्चन और सचिन पिलगांवकर ने लिया था। ऑडिशन के बाद कई दिनों तक कोई जवाब नहीं मिला, जिससे उन्हें लगा कि उन्हें फिल्म में नहीं चुना गया है।
खुद किया फोन, तब मिली खुशखबरी
करीब दस दिन बाद चंद्रचूड़ ने खुद फिल्म की टीम को फोन किया। तब उन्हें बताया गया कि उन्हें फिल्म के लिए चुन लिया गया है, लेकिन टीम उन्हें इसकी जानकारी देना भूल गई थी। यह खबर सुनकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यही फिल्म उनके अभिनय करियर की शानदार शुरुआत बनी।

