
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ वार्ता की, जिसमें ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्ष ऊर्जा सहयोग का दायरा बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारत अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति रोड्रिगेज बुधवार को भारत पहुंची थीं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के संबंधों को और गहरा करने में मदद करेगी। जनवरी में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति का पदभार संभाला था।
भारत कभी वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल का प्रमुख प्रसंस्करणकर्ता था और एक वक्त में प्रतिदिन चार लाख बैरल से अधिक तेल आयात करता था। हालांकि, अमेरिका के व्यापक प्रतिबंधों और अनुपालन संबंधी जोखिमों के कारण 2020 में यह आयात लगभग बंद हो गया था। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद प्रतिबंधों में ढील मिलने पर भारत ने वेनेजुएला से फिर कच्चा तेल खरीदना शुरू किया। हाल के सप्ताहों में भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने पश्चिम एशिया संकट के कारण वेनेजुएला से तेल आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

