
Teacher Recruitment Scam : पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को समन जारी किया। ED की टीम उनके आवास पहुंची और उन्हें 15 जून को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस सौंपा। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।
भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप
पश्चिम बंगाल में शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों से जुड़ा यह मामला लंबे समय से विवादों में है। जांच एजेंसियों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में मेरिट मानकों की अनदेखी की गई और कथित तौर पर पैसे लेकर नियुक्तियां दी गईं।
आरोप है कि उम्मीदवारों की OMR शीट और मेरिट सूची में हेरफेर कर चयन परिणामों को प्रभावित किया गया। जांच में ऐसे मामलों का भी खुलासा हुआ, जिनमें परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी मिलने का दावा किया गया।
अदालतों ने जताई थी गंभीर चिंता
मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं को गंभीर माना। अदालतों के आदेश के बाद करीब 25 हजार से अधिक नियुक्तियां रद्द कर दी गईं, जिसे देश के सबसे बड़े भर्ती घोटालों में से एक माना जाता है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत कई अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों के नाम सामने आ चुके हैं। मामले में ED और केंद्रीय जांच ब्यूरो दोनों एजेंसियां कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं।

