सोनम वांगचुक की पत्नी ने राहुल गांधी पर उठाए सवाल, बोलीं- PMO के बाहर धरना देना ‘नॉन सिंसियर’, उन्हें छात्रों के साथ जंतर-मंतर जाना चाहिए था

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। NEET पेपर लीक मामले में कांग्रेस, बीजेपी और आप के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर लगातार अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर धरना देने के बजाय राहुल गांधी को जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के साथ बैठना चाहिए था। आंग्मो ने राहुल के इस कदम को “नॉन सिंसियर” बताया है।

इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि अब लोगों को बहकाने या भ्रमित करने की कोशिश सफल नहीं होगी। गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वह हर उस पार्टी और व्यक्ति के साथ हैं, जो भारत के बेहतर भविष्य के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पीएमओ के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर कई लोगों को लगा कि इसमें ईमानदारी की कमी थी। उन्होंने कहा, “अगर वह इस मुद्दे पर ईमानदार होते तो जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़े होते। लोगों को आप मूर्ख नहीं बना सकते हैं। यह जागा हुआ भारत है। इस मामले में ईमानदारी से साथ देना चाहिए।”

आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में राहुल गांधी के प्रदर्शन की आलोचना की है। पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि पीएम आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन पूरी तरह बनावटी था। आप ने कहा कि अगर छात्रों के मुद्दे को लेकर नीयत साफ होती तो राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था।

जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना

वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष पर निशाना साधा। मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच विवाद और बढ़ गया है। बुधवार को विपक्ष के हमलों का सरकार की ओर से भी जवाब दिया गया। संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह बयानबाजी देखने को मिली। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अनशन खत्म करने की अपील की।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।