


अगरतला: केंद्रीय गृह मंत्रालय त्रिपुरा में संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने और राज्य के मूल निवासियों के विकास से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते को तेजी से लागू कराने की दिशा में काम करने के लिए अगले सप्ताह एक उच्चस्तरीय दल भेजेगा। टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के एक वरिष्ठ विधायक ने रविवार को यह जानकारी दी।





यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा के बीच शनिवार को नयी दिल्ली में हुई बैठक के एक दिन बाद सामने आया है।
बैठक में समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई थी।
टिपरा मोथा ने राज्य के मूल निवासियों के समग्र विकास के लिए 2024 में केंद्र सरकार और त्रिपुरा सरकार के साथ यह समझौता किया था।
टिपरा मोथा पार्टी के विधायक रंजीत देबबर्मा ने रविवार को कहा कि त्रिपक्षीय समझौते को तेजी से लागू करने के लिए गृह मंत्रालय अगले सप्ताह एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल त्रिपुरा भेजेगा, जो इस मुद्दे पर बातचीत और विस्तृत विचार-विमर्श करेगा।
देबबर्मा ने अगरतला हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, “गृह मंत्रालय अगले सप्ताह राज्य में एक उच्चस्तरीय दल भेजेगा, जो त्रिपक्षीय समझौते को तेजी से लागू करने की पहल के तहत बातचीत और विस्तृत चर्चा करेगा।”
उन्होंने कहा कि पार्टी की लंबे समय से चली आ रही मांग, भूमि अधिकारों को इन चर्चाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
देबबर्मा ने कहा, “मैंने पार्टी प्रमुख से बात की है। उन्होंने राज्य में टीम के प्रस्तावित दौरे की पुष्टि की है, ताकि त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।”
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्रिपुरा भूमि राजस्व और भूमि सुधार अधिनियम, 1960 में संशोधन करने की जरूरत होगी।
