
90 के दशक की सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल करिश्मा कपूर ने उस दौर की फिल्म मेकिंग को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आज की तरह उस समय कलाकारों को पहले से तैयार बाउंड स्क्रिप्ट नहीं दी जाती थी। कई बार फिल्मों के सीन सीधे सेट पर पहुंचने के बाद तय किए जाते थे और उसी समय शूट भी कर लिए जाते थे।
करिश्मा ने कहा कि आज इंडस्ट्री में काम करने का तरीका काफी व्यवस्थित हो गया है, जो अच्छी बात है। लेकिन 90 के दशक में कलाकार अपने अनुभव, जुनून और निर्देशक के विजन पर भरोसा करके काम करते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया है जिनकी पूरी लिखित स्क्रिप्ट भी मौजूद नहीं थी।
गोविंदा और डेविड धवन के साथ बनी हिट जोड़ी
करिश्मा ने एक्टर गोविंदा और डायरेक्टर डेविड धवन के साथ अपने लंबे सहयोग को भी याद किया। उन्होंने बताया कि डेविड धवन उन्हें केवल एक लाइन में निर्देश देते थे और वह तुरंत समझ जाती थीं कि सीन को किस तरह निभाना है।
उन्होंने खास तौर पर हसीना मान जाएगी का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म के कई दृश्य मौके पर ही तैयार किए गए थे। करिश्मा के अनुसार, गोविंदा, परेश रावल, कादर खान और शक्ति कपूर जैसे कलाकारों के साथ काम करना किसी थिएटर ग्रुप का हिस्सा बनने जैसा था। यही वजह थी कि उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को बेहद पसंद आती थी।
‘ब्राउन’ में निभाया करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार
करिश्मा कपूर जल्द ही वेब सीरीज ब्राउन में नजर आएंगी। इस सीरीज में वह रीता ब्राउन नाम की एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं। अभिनेत्री के मुताबिक यह कोई पारंपरिक पुलिस अधिकारी का किरदार नहीं है, बल्कि एक ऐसी महिला की कहानी है जो निजी संघर्षों, शराब और सिगरेट की लत से जूझ रही है।
उन्होंने बताया कि वास्तविक जीवन में वह न तो धूम्रपान करती हैं और न ही शराब पीती हैं। ऐसे में इस जटिल और भावनात्मक किरदार को निभाना उनके पूरे करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा है।

