‘मैं कानूनी धमकियों से नहीं डरूंगी’: बच्चों की कस्टडी विवाद के बीच सेलिना जेटली का भावुक बयान

Manu Shrivastava
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

अभिनेत्री सेलिना जेटली एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। पति पीटर हाग से तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब उन्होंने अपने पति और ससुर वोल्फगैंग हाग की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिसों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सेलिना ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की कानूनी धमकी या दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल उनके अधिकारों की नहीं, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और सुरक्षा की भी है।

 

‘मैं अपने बच्चों के लिए लड़ाई जारी रखूंगी’

 

अभिनेत्री ने बताया कि हाल ही में उन्हें पति और ससुर की ओर से कानूनी नोटिस भेजे गए, जिनमें उन पर मानहानि करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सेलिना के अनुसार उन्होंने अपने कानूनी प्रतिनिधियों के माध्यम से इन नोटिसों का जवाब दे दिया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि वर्षों तक उनके परिवार से जुड़ी खबरों, इंटरव्यू और सार्वजनिक प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित किया गया, लेकिन जैसे ही उन्होंने अपनी व्यक्तिगत परेशानियों, कानूनी संघर्ष और एक मां के रूप में अपनी चिंताओं को सार्वजनिक किया, उन्हें कानूनी नोटिस भेजे जाने लगे। सेलिना ने कहा, “ये बच्चे मेरे भी हैं। मैं उनकी मां हूं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह लड़ाई जारी रखूंगी।”

 

ज्वाइंट कस्टडी और आपसी सहमति से तलाक की पक्षधर

 

सेलिना जेटली ने दावा किया कि वह हमेशा से ज्वाइंट कस्टडी और आपसी सहमति से तलाक के पक्ष में रही हैं। उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन परिस्थितियां उनके अनुरूप नहीं रहीं। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश होने के बावजूद वह अपने बच्चों से नियमित रूप से बातचीत नहीं कर पा रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें बच्चों से दूर रखने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं, जिससे एक मां के रूप में उनकी चिंता बढ़ गई है।

 

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

 

अपने भावुक बयान में सेलिना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि बच्चों को उनकी जानकारी और सहमति के बिना ऑस्ट्रिया और भारत की अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सकता है। उनके अनुसार, एक मां होने के नाते बच्चों के हितों की रक्षा करना उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। इसलिए उन्होंने इन चिंताओं को सार्वजनिक रूप से उठाने का फैसला किया है। वहीं, दूसरी ओर भेजे गए कानूनी नोटिसों में कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों पर लगाए गए आरोपों से संबंधित पक्षों की छवि प्रभावित हो रही है और इसका असर बच्चों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, सेलिना का आरोप है कि इन नोटिसों के जरिए उन्हें बदनाम करने, डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।

Share This Article