
नई दिल्ली : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला किसी फिल्म या नए प्रोजेक्ट का नहीं, बल्कि उनके पनवेल स्थित फार्महाउस के पास जमीन विवाद का है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मामले की सुनवाई करते हुए सलमान खान के पड़ोसी केतन कक्कड़ को सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और वीडियो हटाने पर विचार करने की सलाह दी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
केतन कक्कड़ एक रिटायर्ड एनआरआई हैं, जिनकी जमीन रायगढ़ जिले के पनवेल इलाके में स्थित है। यह जमीन सलमान खान के मशहूर ‘अर्पिता फार्म्स’ के पास है। बताया जाता है कि कई सालों तक दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध रहे, लेकिन साल 2019 में विवाद शुरू हो गया। कक्कड़ का आरोप है कि उन्हें अपनी ही जमीन तक पहुंचने से रोका गया और उनकी संपत्ति से जुड़े अधिकारों में हस्तक्षेप किया गया। कोर्ट ने साफ कहा कि सोशल मीडिया तक पहुंच होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी किसी व्यक्ति, चाहे वह आम नागरिक हो या सेलिब्रिटी, के खिलाफ मानहानिकारक बातें पोस्ट करता रहे। पूरा मामला करीब 2.5 एकड़ जमीन से जुड़ा है। कक्कड़ का दावा है कि यह जमीन उनकी है और उन्हें वहां आने-जाने में परेशानियां पैदा की गईं। उनके लिए रास्ते बंद कर दिए गए, बिजली काट दी गई और उनकी कुछ चीजों को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, सलमान खान की कानूनी टीम ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि जिस जमीन के सौदे की बात की जा रही है, वह कानूनी रूप से वैध नहीं था और इसी वजह से उसे रद्द किया गया था।
सोशल मीडिया तक पहुंचा मामला
इसके बाद केतन कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट शेयर किए, जिनमें सलमान खान और उनके फार्महाउस से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बाद सलमान खान ने मानहानि का मुकदमा दायर किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को भी मामले में पक्षकार बनाया।
फिलहाल हाईकोर्ट ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। हालांकि कोर्ट की टिप्पणियों ने साफ संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ आरोप लगाने से पहले कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखना जरूरी है। अब सभी की नजरें इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

