
नई दिल्ली: अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी ढील के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों के ईरान से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। राहत अवधि को लेकर अनिश्चितता, भुगतान संबंधी बाधाएं और पहले से तय आपूर्ति अनुबंध इसकी मुख्य वजह है जिससे नई खरीद की गुंजाइश सीमित हो गई है। रिफाइनरी और तेल बाजार का विश्लेषण करने वाली कंपनी केप्लर के सुमित रितोलिया ने कहा कि अमेरिका ने 60 दिन के लिए प्रतिबंधों में छूट दी है, जिससे अस्थायी रूप से ईरानी कच्चे तेल के निर्यात की अनुमति मिली है। हालांकि, इतनी कम अवधि के कारण चीन के अलावा अन्य खरीदारों की बड़े पैमाने पर वापसी की संभावना नहीं है।

