
नई दिल्ली : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी और गबन के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच, हिडन कैमरों की फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके का खुलासा किया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
नोट गिनने से बैंक तक ऐसे होती थी कथित हेराफेरी
जांच के अनुसार, ट्रस्ट को तब शक हुआ जब दानपेटियों से निकलने वाली रकम और बैंक में जमा होने वाले रिकॉर्ड में अंतर दिखाई देने लगा। इसके बाद नोट गिनने वाले कमरे में हिडन कैमरे लगाए गए। फुटेज में कथित तौर पर कुछ कर्मचारी सीसीटीवी को ब्लॉक करते हुए और नोटों की गड्डियों से रकम निकालकर कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई दिए। जांच में यह भी दावा किया गया है कि नोटों की गड्डियों में अतिरिक्त नोट रख दिए जाते थे। बैंक में गड्डियां बिना पूरी गिनती के स्वीकार होने के बाद रास्ते में वे अतिरिक्त नोट निकाल लिए जाते थे।
इससे रिकॉर्ड और बैंक वाउचर का मिलान भी हो जाता था और कथित चोरी पकड़ में नहीं आती थी।जांच एजेंसियों के मुताबिक, नकदी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए जेवरात भी कथित तौर पर गायब किए जाते थे। पुलिस का दावा है कि एक आरोपी के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं। साथ ही कुछ रकम बैंक खातों में जमा किए जाने के भी सुराग मिले हैं।
बता दें कि इस मामले में एफआईआर होने के बाद 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

