आस्था के महासागर में डूबेगा पुरी, भगवान जगन्नाथ देंगे भक्तों को दुर्लभ दर्शन

Manu Shrivastava
2 Min Read
जगन्नाथ रथयात्रा 2026
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

ओडिशा के पुरी में भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 16 जुलाई से श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू होगी। यह सनातन परंपरा का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर अपने भक्तों को दुर्लभ दर्शन देते हैं।

रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रत्न सिंहासन से उतरकर अपने-अपने भव्य रथों पर विराजमान होते हैं। इसके बाद तीनों रथ पुरी के प्रसिद्ध बड़ा डंडा (ग्रैंड रोड) से होकर गुंडिचा मंदिर की ओर बढ़ते हैं। मान्यता है कि भगवान के रथ का दर्शन करना या उसकी रस्सी खींचना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। यह यात्रा भक्त और भगवान के दिव्य मिलन का अद्भुत अवसर होती है।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम

रथयात्रा में इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस विभाग को भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने अधिकारियों को विशेष ब्रीफिंग देकर हर परिस्थिति से निपटने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से इस भव्य धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।

Share This Article