
भारतीय सिनेमा में 12 वर्षों का सफल सफर पूरा कर चुकीं अभिनेत्री हुमा कुरैशी आज अपनी दमदार अदाकारी और अलग-अलग किरदारों के लिए जानी जाती हैं। अपने अभिनय करियर को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यही रही है कि उन्होंने खुद को किसी एक तय छवि तक सीमित नहीं होने दिया। उनके अनुसार, एक कलाकार के भीतर हमेशा कुछ नया करने की क्षमता और इच्छा होनी चाहिए।
रचनात्मक आजादी है सबसे बड़ी ताकत
हुमा कुरैशी ने कहा कि उन्हें किसी एक तरह के किरदार या सांचे में ढलना पसंद नहीं है। उनका मानना है कि एक अभिनेता की असली पहचान उसकी रचनात्मक स्वतंत्रता में होती है। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर करने और एक्सप्लोर करने के लिए बहुत कुछ है। पिछले 12 वर्षों में मुझे ऐसे किरदार निभाने का अवसर मिला, जिन्होंने हर बार मुझे कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर साबित करने का मौका दिया।”
हर किरदार से बनती है पहचान
हुमा का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों को एक खास श्रेणी में रखने की कोशिश की जाती है, लेकिन उन्होंने हमेशा इस सोच को चुनौती दी। उनके लिए सफलता सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं, बल्कि हर किरदार को पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ निभाना है। यही वजह है कि उन्होंने हमेशा अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को प्राथमिकता दी।
‘टॉक्सिक’ में आएंगी नजर
वर्क फ्रंट की बात करें तो हुमा कुरैशी जल्द ही फिल्म ‘टॉक्सिक’ में दिखाई देंगी। फैंस को उम्मीद है कि इस फिल्म में भी वह अपने दमदार अभिनय से एक नया और यादगार किरदार पेश करेंगी।

