
नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ की आलोचना करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का हवाला दिया।
इस योजना में तीन से ज्यादा बच्चों वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है।
केजरीवाल ने कहा कि इस योजना की शर्तों से हिंदुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है क्योंकि भागवत ने समुदाय से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाले दिल्ली मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ‘लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दी जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
योजना के नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे हैं वे इस आर्थिक सहायता के लिए आवेदन नहीं कर सकतीं। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोहन भागवत कह रहे हैं कि हर हिंदू को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए और रेखा गुप्ता कह रही हैं कि अगर आपके तीन से ज्यादा बच्चे हैं तो आपको दिल्ली लक्ष्मी योजना का फायदा नहीं मिलेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बेचारे हिंदू उलझन में हैं। रेखा जी और भागवत जी को हिंदुओं को बताना चाहिए कि उन्हें असल में क्या करना चाहिए।’’
भागवत ने फरवरी में लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज को एकजुट और सशक्त बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि भले ही कोई खतरा नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
भागवत ने सुझाव दिया था कि हिंदू परिवारों को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने पर विचार करना चाहिए। भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू आबादी में आ रही कमी पर चिंता जताई थी।

