महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर के प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर रोक

महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग पनीर के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष की रोक लगाई। होटल, रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन अब इसका उपयोग नहीं कर सकेंगे।

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मुंबई : महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर लंबे वक्त से चली आ रही बहस पर अब विराम लग जाएगा। दरअसल महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर के प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर एक साल के लिए आधिकारिक तौर पर रोक लगा दी है। महाराष्ट्र में स्थित कोई भी होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स या क्लाउड किचन इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एनालॉग पनीर एक आर्टिफिशियल डेयरी सब्स्टिट्यूट है, जिसे वेजिटेबल ऑयल और दूसरे आर्टफिशियल टेक्स्चर का इस्तेमाल करके बनाया जाता है।

असली पनीर जैसा स्वाद

यह देखने और स्वाद में बिल्कुल असली दूध के पनीर जैसा लगता है। महाराष्ट्र में भले ही एनालॉग पनीर के इस्तेमाल की अब तक इजाजत रही हो, लेकिन ग्राहकों को बिना जानकारी दिए इसका इस्तेमाल करना गैर-कानूनी था। अगर कोई ब्रांड या रेस्टोरेंट इसका इस्तेमाल करते थे, तो उन्हें इसकी जानकारी ग्राहकों को देनी पड़ती थी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।