
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही देश में प्लास्टिक (पॉलिमर) के बैंक नोट पेश करने की तैयारी कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2027-28 की शुरुआत (अप्रैल-मई 2027) से ये टिकाऊ और आधुनिक नोट आम जनता के हाथों में दिखाई दे सकते हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, योजना की शुरुआत 10 और 20 मूल्य वर्ग के छोटे नोटों से की जाएगी, क्योंकि दैनिक लेन-देन में इनका उपयोग सबसे ज्यादा होता है और ये जल्दी खराब हो जाते हैं।
इस पहल से जुड़ी प्रमुख बातें
30 वर्षों तक की लंबी उम्र होगी। जिससे कि ये पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में 2.5 से 4 गुना अधिक टिकाऊ होंगे। ये पानी, गंदगी और पसीने से खराब नहीं होंगे और न ही आसानी से फटेंगे। सरकार ने शुरुआत में 10 और 20 के 100-100 करोड़ (कुल 2 अरब) पॉलिमर नोट छापने की मंजूरी दी है। देश की विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में इनके फील्ड ट्रायल और परफॉरमेंस की जांच के बाद ही इन्हें पूरे देश में औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
नकली नोटों पर लगाम लगाने के लिए इनमें ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) विंडो, होलोग्राम और विशेष सिक्योरिटी थ्रेड जैसे आधुनिक सुरक्षा तत्व जोड़े जाएंगे। कागजी नोट तुरंत बंद नहीं होंगे। प्लास्टिक नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी मुद्रा बाजार में समानांतर चलती रहेगी और बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया 1990 के दशक में पूरी तरह पॉलिमर नोट अपनाने वाला पहला देश था। वर्तमान में यूके, कनाडा, न्यूजीलैंड, वियतनाम, रोमानिया और मालदीव समेत 60 से अधिक देशों में प्लास्टिक नोट प्रचलन में हैं।

