

लातेहार : चंदवा प्रखंड के बरवाटोली पंचायत अंतर्गत बेतर (नवाटाड़) गांव के किसान राजू उरांव ने खेती के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। परंपरागत खेती से अलग हटकर उन्होंने सेब की खेती कर यह साबित कर दिया कि झारखंड की धरती पर भी सेब की सफल खेती संभव है। राजू उरांव ने शुरुआत सिर्फ दो सेब के पौधों से एक छोटे प्रयोग के रूप में की थी। जब पौधों में अच्छी बढ़वार हुई और स्वादिष्ट फल मिलने लगे, तो उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने अपने खेत में करीब 30 सेब के पौधे लगा दिए। इस बार पेड़ों पर अच्छी फसल हुई। इतना ही नहीं, उन्होंने करीब 40 किलो सेब 170 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर बेहतर आमदनी भी हासिल की। इससे आसपास के किसानों में भी सेब की खेती को लेकर उत्साह बढ़ा है।





राजू उरांव का कहना है कि यदि किसानों को सही तकनीकी मार्गदर्शन, उन्नत पौधे और सरकारी सहयोग मिले तो लातेहार जैसे क्षेत्रों में भी फल उत्पादन का नया अध्याय लिखा जा सकता है। उन्होंने सरकार और कृषि विभाग से मांग की है कि आम और नाशपाती की तरह सेब की खेती को भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसान नई फसलों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें। आज राजू उरांव का यह छोटा प्रयोग पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है।
