

‘दृश्यम’ और ‘बेपनाह’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकीं अभिनेत्री इशिता दत्ता अपनी अब तक की फिल्मी यात्रा को लेकर बेहद संतुष्ट हैं। अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें अपनी जिंदगी के लिए खुशी और आभार महसूस होता है। उनके मुताबिक, कई ऐसे मौके आए जब उन्हें लगा कि वह बेहद भाग्यशाली हैं।
‘घमासान’ को लेकर उत्साहित
अपनी आगामी फिल्म ‘घमासान’ के बारे में बात करते हुए इशिता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के साथ काम करने का अनुभव उनके लिए शानदार रहा। एक कलाकार किसी भी प्रोजेक्ट में पूरी मेहनत करता है, लेकिन असली खुशी तब होती है जब वह काम दर्शकों तक पहुंचता है। अब उन्हें फिल्म पर लोगों की प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार है।
दर्शकों ने भाषा की दीवार तोड़ी
इशिता आने वाले समय में ‘दृश्यम 3’ में भी नजर आएंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर और दक्षिण के कलाकार लगातार एक-दूसरे की इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं, उससे आने वाले वर्षों में सिनेमा की सीमाएं और छोटी हो सकती हैं। उनका मानना है कि दर्शक अब भाषा नहीं, बल्कि अच्छी कहानी और बेहतरीन कंटेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अच्छा कंटेंट ही बनाता है पहचान
इशिता के मुताबिक आज के दर्शक शानदार फिल्मों और मजबूत कंटेंट को खुले दिल से स्वीकार करते हैं। ऐसे में कलाकारों के लिए भाषा से ज्यादा उनका अभिनय और कहानी मायने रखती है। यही बदलाव भारतीय सिनेमा को एक बड़े साझा मंच की ओर ले जा सकता है।
हर दिन कुछ नया सीखने की चाह
अपने भविष्य को लेकर इशिता ने कहा कि जिंदगी में हमेशा कुछ नया हासिल करने और आगे बढ़ने की इच्छा रहती है। नए लक्ष्य बनाना जरूरी है, लेकिन साथ ही अब तक जो हासिल किया है, उसकी कद्र करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
