कैलाश की आध्यात्मिक यात्रा पर निकलीं मानसी पारेख, 20 KM पैदल चलीं, बोलीं- यह सफर जिंदगी भर रहेगा याद

Manu Shrivastava
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अभिनेत्री मानसी पारेख ने हाल ही में कैलाश की आध्यात्मिक यात्रा पूरी की। इस खास सफर की झलक उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए साझा की है। अभिनेत्री ने बताया कि यह यात्रा उनके लिए बेहद खास रही और इसकी यादें हमेशा उनके दिल में बसी रहेंगी।

20 किलोमीटर पैदल चलने का अनुभव

मानसी ने अपनी यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 20 किलोमीटर पैदल चलने का अनुभव साझा किया। इस दौरान उन्हें बारिश और ठंड जैसी मुश्किल परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। यात्रा के आखिरी हिस्से को उन्होंने घोड़े पर बैठकर पूरा किया। तमाम चुनौतियों के बावजूद अभिनेत्री इस अनुभव को लेकर काफी उत्साहित नजर आईं।

सुबह 5 बजे बिना अलार्म के उठीं

वीडियो में मानसी ने बताया कि ठंड के मौसम में भी वह सुबह करीब 5 बजे बिना अलार्म के उठ गई थीं, क्योंकि यात्रा को लेकर उनका उत्साह काफी ज्यादा था। उन्होंने हाई एल्टीट्यूड पर अपनी दिनचर्या से जुड़ी कुछ बातें भी साझा कीं और बताया कि वहां नाक में कैस्टर ऑयल लगाना जरूरी होता है।

पहाड़ों में मेकअप से ज्यादा सनब्लॉक जरूरी

मानसी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहाड़ों में कोई मेकअप काम नहीं करता। ऐसे में उन्होंने अपनी स्किन को धूप से बचाने के लिए खूब सनब्लॉक का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी बताया कि पहाड़ों में चढ़ाई के दौरान बैकपैक उठाना पड़ता है, इसलिए उन्होंने अपना नाश्ता भी हैवी रखा।

यमद्वारा से शुरू हुआ आध्यात्मिक सफर

अभिनेत्री ने बताया कि कैलाश यात्रा यमद्वारा से शुरू होती है। उनके अनुसार, इसका सांकेतिक अर्थ अपनी शिकायतों और परेशानियों को पीछे छोड़कर एक नए आध्यात्मिक स्वरूप की ओर बढ़ना है। इस यात्रा के दौरान पहाड़ों के खूबसूरत नजारे देखकर वह बेहद खुश हुईं।

कैलाश का पूर्वी छोर देखकर मिली शांति

मानसी ने बताया कि यात्रा के दौरान अचानक उन्हें कैलाश का पूर्वी छोर दिखाई दिया। इस दृश्य ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया और उन्हें गहरी शांति का अनुभव हुआ। अभिनेत्री के मुताबिक, उस पल उन्हें लगा कि यात्रा में उठाई गई सारी मेहनत सार्थक हो गई।

घोड़े के साल में यात्रा को बताया खास

मानसी ने अपनी पोस्ट में तिब्बती संस्कृति का जिक्र करते हुए लिखा कि घोड़े के साल में कैलाश की यात्रा करना 13 यात्राओं के बराबर माना जाता है। उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन की सबसे खास यात्राओं में से एक बताया, जो हमेशा उनके दिल में बसी रहेगी।

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