कांग्रेस नेताओं ने जेन-जी संवाद में युवाओं से एआई, रोजगार और शिक्षा पर की चर्चा

Archana Ekka
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जयपुर : कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को यहां जेन-जी युवाओं के साथ संवाद किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और राजनीति में युवाओं की भागीदारी समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। संविधान क्लब में आयोजित ‘जेन-जी फॉर चेंज’ कार्यक्रम में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने हिस्सा लिया।

जूली ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से रोजगार के स्वरूप को बदल रही है और युवाओं को इससे डरने के बजाय इसे समझकर अपनाना चाहिए। उन्होंने कंप्यूटर क्रांति का उदाहरण देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में कंप्यूटर की शुरुआत का जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस समय भारतीय जनता पार्टी ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि बाद में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र रोजगार और आर्थिक अवसरों का एक प्रमुख स्रोत बनकर उभरा।

जूली ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ने वाले दबाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि खासकर कोटा जैसे कोचिंग केंद्रों में हजारों विद्यार्थी वर्षों तक बड़ी रकम खर्च करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन सीमित रिक्तियों और सीट के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को निराशा हाथ लगती है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक तथा मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए नीतिगत कदम उठाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी युवा आबादी तभी ताकत बन सकती है, जब युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

डोटासरा ने कहा कि युवाओं की नीति निर्माण में अधिक भागीदारी होनी चाहिए, क्योंकि सरकारों द्वारा लिए गए फैसलों का सीधा असर उनकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि 18 वर्ष की उम्र में किसी युवा को मतदान करके सरकार चुनने में सक्षम माना जाता है, तो उसके भविष्य से जुड़े फैसले लेते समय उसकी आवाज भी सुनी जानी चाहिए।’’
जूली ने युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी प्रशंसा की और दावा किया कि युवाओं के साथ उनके संवाद ने सत्तारूढ़ दल को जेन-जी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वर्षों से सड़क से लेकर संसद तक युवाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे हैं।
जूली ने महंगाई, रुपये की स्थिति और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी निशाना साधा तथा आरोप लगाया कि सरकार अपने पहले किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।