रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों अपने कंटेंट के साथ-साथ गानों के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा में है. दिग्गज गीतकार समीर अंजान ने फिल्म में पुराने बॉलीवुड गानों को हिंसक दृश्यों के साथ इस्तेमाल किए जाने पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि क्लासिक गानों को आज की फिल्मों में किस तरह पेश किया जा रहा है, इस पर सोचने की जरूरत है.
‘जुम्मा चुम्मा’ को लेकर जताई आपत्ति
समीर अंजान की सबसे बड़ी आपत्ति फिल्म में ‘जुम्मा चुम्मा’ गाने के इस्तेमाल को लेकर है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने प्रतिष्ठित गाने को गोलीबारी जैसे हिंसक सीन के साथ दिखाना सही है. उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल किया, “कहां है गाना?” उनके मुताबिक, ऐसे आइकॉनिक ट्रैक का अपना एक भाव और पहचान होती है.
‘सत्यानाश कर दिया’ वाली टिप्पणी
पुराने गानों के साथ हो रहे प्रयोग पर बात करते हुए समीर अंजान ने बेहद तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि **‘धुरंधर’ ने सत्यानाश कर दिया**. उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी पुराने गानों के रीमिक्स और रीहैश को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
आज के गानों में नहीं है वही गहराई
समीर अंजान ने सिर्फ ‘धुरंधर’ को लेकर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि आज के बॉलीवुड संगीत पर भी अपनी राय रखी. उनका मानना है कि मौजूदा दौर के कई गानों में वह भावनात्मक गहराई और अर्थ नजर नहीं आता, जो पुराने हिंदी फिल्मी संगीत की खासियत हुआ करती थी.
रीमिक्स कल्चर पर फिर छिड़ी बहस
समीर अंजान की टिप्पणी ने एक बार फिर इस बहस को जन्म दे दिया है कि पुराने सुपरहिट गानों को नए संदर्भों में इस्तेमाल करने से क्या उनकी मूल भावना प्रभावित होती है. खासकर जब रोमांटिक या मनोरंजक गीतों को हिंसक दृश्यों में रखा जाता है, तो दर्शकों के बीच इसे लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है.

