Jharkhand SIR: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बड़ा और राहत भरा निर्देश जारी किया है। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह साफ किया गया है कि दस्तावेज न होने की स्थिति में भी किसी पात्र नागरिक का नाम नहीं काटा जाएगा। आइए जानते हैं क्या हैं नए दिशा-निर्देश
बुजुर्गों के लिए ‘रिवर्स पैरेंटल लिंकेज’
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि 1934 या उसके आसपास जन्मे ऐसे बुजुर्ग मतदाता, जिनके पास खुद के कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में उनके पात्र भारतीय नागरिक बच्चों या नाती-पोतों के साथ ‘रिवर्स पैरेंटल लिंकेज’ स्थापित कर मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ा जाएगा।
महिलाओं के सत्यापन के लिए मैपिंग
ससुराल में रहने वाली ऐसी महिलाएं जिनके पास अपने दस्तावेज नहीं हैं, उनके सत्यापन के लिए उनके मायके (माता-पिता) से मैपिंग को मान्य किया गया है। महिला के पात्र भारतीय नागरिक होने पर माता-पिता या भाई-बहन द्वारा दिए गए मान्य दस्तावेजों के आधार पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों के लिए मुख्य निर्देश
सुनवाई के दौरान मतदाताओं से किसी भी प्रकार के विशेष या अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग न की जाए। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही पात्रता की जांच कर ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ पारित किया जाए।
वंशावली के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि केवल सक्षम पदाधिकारी या अंचल अधिकारी (CO) स्तर से जारी वंशावली या पारिवारिक सूची ही वैध मानी जाएगी।
आगामी 19-20 नवंबर को ELC-2.0 आयोजित करने, फॉर्म-6 के आवेदनों का समय पर डिजिटाइजेशन करने और बूथों के दोबारा सत्यापन के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी वैध भारतीय नागरिक का नाम सूची से न छूटे और कोई भी विदेशी नागरिक इसमें शामिल न हो सके।


