नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शनिवार को आरोप लगाया कि यहां जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के आयोजन के लिए भारी मात्रा में धन खर्च किया जा रहा है और यह जांच का विषय है कि इसके लिए पैसा कहां से आ रहा है। विहिप ने आम नागरिकों से सुरक्षाबलों की ‘‘ढाल’’ बनने और उनकी आंख, नाक तथा कान के रूप में काम कर उनका सहयोग करने की भी अपील की। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर रेल और मेट्रो सेवाएं बंद करने के अधिकारियों के फैसले से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में 10 से 15 वकील पेश हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से प्रत्येक वकील हरेक सुनवाई के लिए एक करोड़ से दो करोड़ रुपये फीस लेता है। बंसल ने कहा, ‘‘तो इस एक सुनवाई के लिए वकीलों को 15 से 30 करोड़ रुपये किसने दिए? पर्दे के पीछे कौन लोग यह खेल खेल रहे हैं? इन प्रदर्शनों के लिए बड़े पैमाने पर धन मुहैया कराया जा रहा है। ‘फोर्ड फाउंडेशन’ से जुड़ी एक खास पार्टी का नाम भी इस कथित प्रदर्शन से जुड़ा है।’’ बंसल ने हालांकि, न तो ‘फोर्ड फाउंडेशन’ से जुड़ी पार्टी का नाम बताया और न ही अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत दिया।
उन्होंने इस मामले में अमेरिका के एक प्रमुख उद्योगपति और वहां के उपराष्ट्रपति की संलिप्तता का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि यह ‘‘भारत की संप्रभुता को कमजोर करने’’ की एक बड़ी कोशिश का संकेत है। विहिप के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘देशवासियों को उन देश विरोधी चालों को सावधानी से समझना पड़ेगा जो हमारी संप्रभुता पर हमला कर रही हैं।’’ बंसल ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें भारत को नेपाल या बांग्लादेश बनाने की ‘‘कोशिशों’’ के प्रति सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षाबल मौके पर मौजूद हैं, लेकिन नागरिकों को अन्य तरीकों से भी उनका सहयोग करना चाहिए तथा उनकी ‘‘आंख, कान, नाक एवं ढाल’’ बनकर काम करना चाहिए।


