रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का रंग चढ़ने लगा है। बुधवार से शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए है। इस बार रांची के पंडालों में कुछ ऐसा खास देखने को मिलेगा, जो श्रद्धालुओं को देश के प्रसिद्ध मंदिरों से लेकर महाभारत के प्रसंगों और पुराने ग्रामीण जीवन तक की झलक दिखाएगा। कहीं वाराणसी के पास स्थित भव्य मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है, तो कहीं तमिलनाडु और गुजरात के प्रसिद्ध मंदिरों की शैली देखने को मिलेगी। कुछ पंडालों में महाभारत के यादगार प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा, जबकि अन्य जगहों पर ग्रामीण संस्कृति और हस्तशिल्प कला आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
- जिला स्कूल: स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर बना पंडाल
- बकरी बाजार: बृहदेश्वर मंदिर की दिखेगी झलक
- मोरहाबादी: लक्ष्मी नारायण मंदिर की शैली में सजा पंडाल
- सेवा सदन रोड: महाभारत के प्रसंगों से रूबरू होंगे श्रद्धालु
- रेलवे स्टेशन: वामन अवतार और ओणम की झलक
- मेन रोड: बांग्ला स्कूल में शिला कैलाश की थीम
- चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति: द्वारिकाधीश मंदिर की तर्ज पर सजावट
- सुभाष चौक: दिखेगा पुराने ग्रामीण जीवन का रंग
- अपर बाजार: हस्तशिल्प कला पर आधारित पंडाल

उधर, पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को जाम से बचाने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए रांची ट्रैफिक पुलिस ने भी खास इंतजाम किए हैं। 14 से 21 अक्टूबर तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा, यातायात नियंत्रित करने के लिए शहर के 144 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे। अलग-अलग रास्तों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी तय की गई है। इन पूजा पंडालों में दिखेगी भव्य सजावट-
जिला स्कूल: स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर बना पंडाल
जिला स्कूल परिसर में श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति ने वाराणसी के निकट स्थित स्वर्वेद महामंदिर की शैली में भव्य पंडाल तैयार किया है। इसकी खास बनावट और मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी। इस पंडाल के निर्माण पर करीब 1.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बकरी बाजार: बृहदेश्वर मंदिर की दिखेगी झलक
बकरी बाजार में भारतीय युवक संघ ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया है। इसकी सुनहरी सजावट इसे खास लुक देगी। दिन हो या रात, पंडाल की भव्यता श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। इसे तैयार करने में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मोरहाबादी: लक्ष्मी नारायण मंदिर की शैली में सजा पंडाल
मोरहाबादी में गीतांजलि क्लब ने वेल्लोर के लक्ष्मी नारायण मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया है। इस बार समिति अपनी स्थापना के 50वें पड़ाव पर पहुंच रही है, जिससे आयोजन और भी खास हो गया है। पंडाल के निर्माण पर करीब 51 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
सेवा सदन रोड: महाभारत के प्रसंगों से रूबरू होंगे श्रद्धालु
सेवा सदन रोड स्थित राजस्थान मित्र मंडल का पंडाल इस बार महाभारत की घटनाओं पर आधारित है। यहां चीरहरण और अर्जुन के मछली की आंख पर निशाना साधने जैसे प्रसंग चलंत दृश्यों के जरिए दिखाए जाएंगे। इन दृश्यों के माध्यम से श्रद्धालुओं को महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं की झलक देखने को मिलेगी। इस पंडाल को तैयार करने में लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
रेलवे स्टेशन: वामन अवतार और ओणम की झलक
रेलवे स्टेशन स्थित पूजा पंडाल में भगवान विष्णु के वामन अवतार के साथ ओणम पर्व की झलक देखने को मिलेगी। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा कोलकाता से लाई गई है। पंडाल के निर्माण पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मेन रोड: बांग्ला स्कूल में शिला कैलाश की थीम
मेन रोड स्थित बांग्ला स्कूल परिसर में ओसीसी क्लब ने शिला कैलाश की थीम पर पंडाल तैयार किया है। इसकी सजावट और खास थीम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।
चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति: द्वारिकाधीश मंदिर की तर्ज पर सजावट
चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति ने गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर की शैली को अपने पंडाल का आधार बनाया है। इस पंडाल के निर्माण पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, बांग्ला स्कूल परिसर के ओसीसी क्लब के पंडाल पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
सुभाष चौक: दिखेगा पुराने ग्रामीण जीवन का रंग
सुभाष चौक का पूजा पंडाल इस बार ग्रामीण जीवन और पुरानी संस्कृति की यादें ताजा करेगा। यहां बग्गी, पालकी, डीजल ट्रेन, बाइस्कोप और हावड़ा ब्रिज जैसी झलकियां देखने को मिलेंगी। पुराने दौर की इन खास चीजों को पंडाल में शामिल किया गया है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। इसके निर्माण पर लगभग 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
अपर बाजार: हस्तशिल्प कला पर आधारित पंडाल
अपर बाजार स्थित बालकृष्णा स्कूल परिसर में ज्योति संगम दुर्गा पूजा समिति ने हस्तशिल्प कला को थीम बनाकर पंडाल तैयार किया है। इस पंडाल में पारंपरिक कला और शिल्प की झलक देखने को मिलेगी। इसे तैयार करने में करीब 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस बार रांची में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को अलग-अलग थीम वाले भव्य पंडाल देखने का मौका मिलेगा। प्रसिद्ध मंदिरों की स्थापत्य शैली, महाभारत के प्रसंग और ग्रामीण संस्कृति की झलक इस आयोजन को खास बनाने वाली है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस की ओर से की गई व्यवस्थाओं का मकसद श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाना और शहर को जाम से बचाना है।


