रामानंद सागर की ‘रामायण’ को डिज्नी ने क्यों किया था रिजेक्ट? ललित मोदी के दावे ने खींचा ध्यान

Manu Shrivastava
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टीवी की दुनिया में रामानंद सागर की ‘रामायण’ का नाम आज भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. इस धारावाहिक ने भारतीय दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ऐतिहासिक सीरियल को बनाने के लिए एक समय डिज्नी से फंडिंग मिलने की संभावना भी थी? कारोबारी ललित मोदी ने इस सिलसिले में एक दिलचस्प दावा किया है, जिसकी चर्चा हो रही है.

 शॉर्ट्स पहनकर मीटिंग में पहुंचे थे रामानंद सागर?

ललित मोदी के दावे के मुताबिक, उन्होंने भारतीय टेलीविजन पर डिज्नी की सामग्री लाने के लिए कंपनी के साथ साझेदारी की थी. इसी दौरान उन्होंने डिज्नी के सामने रामानंद सागर की ‘रामायण’ को फंड करने का प्रस्ताव रखा. हालांकि, मोदी का कहना है कि मीटिंग में रामानंद सागर की पोशाक देखकर डिज्नी के अधिकारी प्रभावित नहीं हुए. उनके मुताबिक, फिल्ममेकर उस बैठक में शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे थे.

डिज्नी के अध्यक्ष की प्रतिक्रिया पर क्या बोले ललित मोदी?

ललित मोदी ने दावा किया कि रामानंद सागर के इस अंदाज से डिज्नी के अध्यक्ष इतने हैरान हुए कि वह कमरे से बाहर निकल जाना चाहते थे. अगर यह दावा सही है, तो यह उस दौर की एक असामान्य घटना रही होगी. हालांकि, इस बैठक में वास्तव में क्या हुआ था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है. इसलिए इस किस्से को ललित मोदी के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

बाद में टीवी इतिहास का हिस्सा बनी ‘रामायण’

रामानंद सागर की ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार धारावाहिकों में गिनी जाती है. भगवान राम की कथा पर आधारित इस शो ने दर्शकों के बीच गहरी लोकप्रियता हासिल की. इसके किरदार और प्रसंग आज भी लोगों को याद हैं. धारावाहिक ने धार्मिक कथाओं को छोटे पर्दे पर पेश करने के तरीके पर भी अपनी छाप छोड़ी.

ललित मोदी के दावे ने क्यों बढ़ाई उत्सुकता?

‘रामायण’ की लोकप्रियता को देखते हुए डिज्नी से जुड़ा यह किस्सा लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रहा है. हालांकि, शो की फंडिंग को लेकर हुई कथित बातचीत और उसके नतीजे के बारे में पुख्ता जानकारी सामने आना जरूरी है. फिलहाल, यह कहानी ललित मोदी के बयान पर आधारित है, न कि स्वतंत्र रूप से प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य पर.

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