चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर रांची में ऑरेंज अलर्ट जारी, 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद

चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए रांची में 28 और 29 अक्टूबर को कक्षा KG से 12वीं तक की पढ़ाई स्थगित रहेगी। शिक्षकों को स्कूल आना होगा।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: भारत मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी चक्रवात ‘अर्नब’ के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम विभाग ने झारखण्ड के कई जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, जिसके तहत रांची जिले को ऑरेंज जोन की श्रेणी में रखा गया है। खराब मौसम और संभावित आपदा से सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा-34 के तहत कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रशासन के आदेशानुसार जिले के अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) और निजी विद्यालयों में कक्षा KG से लेकर 12वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां (पठन-पाठन) 28 और 29 अक्टूबर को पूरी तरह स्थगित रहेंगी।

हालांकि, यदि किसी निजी विद्यालय में इन तिथियों के दौरान पहले से कोई परीक्षा निर्धारित है, तो विद्यालय प्रबंधन परीक्षा आयोजित कराने या स्थगित करने का फैसला अपने स्तर पर ले सकता है। इसके लिए संबंधित स्कूल प्रबंधन को जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से सूचित करना होगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों की छुट्टी के बावजूद सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षिकाएँ निर्धारित तिथियों पर स्कूल में उपस्थित रहकर गैर-शैक्षणिक कार्य निपटाएंगे। साथ ही, सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में ‘ई-विद्यावाहिनी’ पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधनों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी का विशेष ध्यान रखें, आवश्यक सतर्कता बरतें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।