युवा लेखकों को प्रशिक्षण के लिए युवा प्रधानमंत्री योजना की शुरूआत

Digital News
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग ने युवा लेखकों को प्रशिक्षित करने के लिए युवा-प्रधानमंत्री योजना की शुरूआत की है।

यह युवा और नवोदित लेखकों (30 वर्ष से कम आयु) को प्रशिक्षित करने के लिए एक लेखक परामर्श कार्यक्रम है।

इससे पढ़ने, लिखने और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकेगा। साथ वैश्विक स्तर पर भारत और भारतीय लेखन को प्रदर्शित किया सकेगा।

युवा (युवा, आगामी और बहुमुखी लेखकों) की शुरूआत युवा लेखकों को भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रधानमंत्री के ²ष्टिकोण के अनुरूप है।

31 जनवरी, 2021 को मन की बात के दौरान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा पीढ़ी से स्वतंत्रता सेनानियों, स्वतंत्रता से जुड़ी घटनाओं, स्वतंत्रता संग्राम की अवधि के दौरान वीरता की गाथा के बारे में अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में लिखने का आह्वान किया था।

उनका कहना था कि यह भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर पर भारत की स्वतंत्रता के नायकों को सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि के रूप में होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, यह विचारशील नेताओं की एक श्रेणी भी तैयार करेगा जो भविष्य की दिशा तय करेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि युवा, भारत 75 परियोजना (आजादी का अमृत महोत्सव) का एक हिस्सा है।

यह योजना विस्मृत नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों, अज्ञात और भूले हुए स्थानों और राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी भूमिका और अन्य विषय वस्तुओं पर लेखकों की युवा पीढ़ी के ²ष्टिकोण को एक अभिनव व रचनात्मक तरीके से सामने लाने के लिए है।

इस प्रकार यह योजना लेखकों की एक धारा विकसित करने में सहायता करेगी जो भारतीय विरासत, संस्कृति और ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विषयों के अलग-अलग पहलुओं पर लिख सकते हैं।

इसके लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत संरक्षण के सुव्यवस्थित चरणों के तहत इस योजना के चरणबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करेगा।

इस योजना के तहत तैयार की गई पुस्तकों का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत करेगा।

इसके अलावा संस्कृति और साहित्य के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के लिए इनका अन्य भारतीय भाषाओं में भी अनुवाद किया जाएगा, जिससे एक भारत श्रेष्ठ भारत को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं चयनित युवा लेखक विश्व के कुछ बेहतरीन लेखकों के साथ बातचीत करेंगे और साहित्यिक उत्सवों आदि में भाग लेंगे।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 ने युवा दिमागों के सशक्तिकरण और एक सीखने वाला इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया है, जो युवा पाठकों और सीखने वालों को भविष्य की दुनिया में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार कर सकता है। इस संदर्भ में, युवा रचनात्मक संसार के भविष्य के नेताओं की नींव रखने में एक लंबा सफर तय करेगा।

इसके माध्यम से आयोजित होने वाली अखिल भारतीय प्रतियोगिता के जरिए कुल 75 लेखकों का चयन किया जाएगा। विजेताओं की घोषणा 15 अगस्त, 2021 को की जाएगी।

युवा लेखकों को प्रख्यात लेखक व संरक्षक प्रशिक्षित करेंगे। संरक्षण के तहत, पांडुलिपियों को प्रकाशन के लिए 15 दिसंबर, 2021 तक पढ़ा जाएगा।

प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन 12 जनवरी, 2022 को राष्ट्रीय युवा दिवस (युवा दिवस) के अवसर पर किया जाएगा। संरक्षण योजना के तहत छह महीने की अवधि के लिए प्रत्येक लेखक को 50,000 रुपये प्रति माह की समेकित छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाएगा।

Share This Article