
नई दिल्ली: विशेषज्ञों के अनुसार, कंप्यूटर स्क्रीन और मोबाइल से अपनी आंखों की रक्षा करना बहुत जरूरी है।
दरअसल, कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर मोबाइल से निकलने वाली ब्लू रेज के कारण आंखों में सूखापन आ जाता है।
लेकिन मोबाइल या लैपटॉप जैसे अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को यूज करते समय कुछ उपाय किए जाएं, तो आंखों के सूखापन को दूर करने और इन्हें स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
मयूर विहार, रोहतगी आई सेंटर के आई स्पेशलिस्ट डॉ. ए.के रोहातगी आंखों को बचाने के लिए क्या टिप्स दे रहे हैं।
स्मार्टफोन या टेबलेट का यूज करते वक्त लोग पलख झपकाना भूल जाते हैं। स्क्रीन को एकटक देखते रहने से ड्रायनेस की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए कोशिश करें कि आंखों को बीच-बीच में झपकाते रहें और आराम देते रहें।
आंखों पर पड़ने वाले तनाव के लिए फिर चाहे वो कंप्यूटर या मोबाइल के कारण ही क्यों न हो, आंखों में चिकनाई रखने के लिए आर्टिफिशियल टीयर्स एक प्रभावी तरीका है।
बाजार में कई प्रकार के लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप उपलब्ध हैं, जिन्हें आप आंखों में डालकर ड्रायनेस से छुटकारा पा सकते हैं।
अगर देर तक कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल के सामने बैठे रहना आपकी मजबूरी है, तो आप ऐसे लैंस लगाएं, जिनमें से ब्लू रेज कट कर सकें।
इसके लिए एंटी ग्लेयर ग्लास या ब्लू कट लैंस अच्छा विकल्प है। इससे आंखों पर सीधी रोशनी पड़ने के बजाए कट होकर निकल जाती है।
आंखें बहुत नाजुक होती हैं। बहुत देर तक किसी भी चीज को देखने पर इनमें दर्द हो सकता है। ऐसे में 20-20-20 नियम का पालन करें।
यदि आप स्क्रीन को 20 मिनट तक देखते हैं, तो थोड़ी देर बाद आपको 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर ऐसी चीज देखनी चाहिए जिससे आंखों की मांसपेशियां रिलेक्स्ड हों।
अब जब आप अपना ज्यादातर समय कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर बिता रहे हैं, तो अपने आहार में विटामिन्स मुख्य तौर पर शामिल करें।
कुछ विटामिन्स जैसे विटामिन बी-6, बी-12,विटामिन ई, विटामिन ए टियर फिल्म के लिए अच्छे हैं।
शरीर में इन विटामिन्स की कमी होने पर द्रव फट जाएगा और आंसू सूख सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूखी आंखों के इलाज में मदद कर सकता है।
चूहों के एक अध्ययन में पाया गया कि ओमेगा-3 फैटी एसिड एएलए को लेने से ड्राई आंखों के लक्षण में बहुत कमी आई और सूखी आंखों के कारण आने वाली सूजन भी कम हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार इसका सेवन करने से आंसू बहुत जल्दी बनते हैं, जिससे आंखों में सूखेपन की समस्या नहीं रहती।
मालूम हो कि आजकल वर्कफ्रॉम होम के कारण लोग लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप से चिपके रहते हैं। वहीं कई बच्चे भी शौकियातौर पर मोबाइल का सबसे ज्यादा यूज करते हैं।
इसके बाद आंखों का जो बुरा हाल होता है, वही समझ सकते हैं। इन चीजों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपकी आंखों को सबसे पहले प्रभावित करता है।
