विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड के किसानों को मिलेगी अलग पहचान

Digital News
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: विश्व आदिवासी दिवस नौ अगस्त के अवसर पर झारखंड सरकार किसानों को एक नयी पहचान देने की कवायद में जुटी है।

इसे लेकर सोमवार को झारखंड मंत्रालय में एक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है।

कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीख ने बताया कि किसानों को केसीसी कार्ड एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम होगा।

इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन करेंगे। कृषि मंत्री बादल भी मौके पर मौजूद रहेंगे।

सचिव ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम में राज्य के सौ किसानों को आमंत्रित किया गया है।

राज्य के सभी जिला मुख्यालय में भी किसान आयेंगे और रांची के मुख्य कार्यक्रम से वर्चुवल माध्यम से जुड़े रहेंगे।

पहली बार यह कार्यक्रम तमाम प्रखंडों में भी आयोजित होंगे। उन्होने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री दुमका और बोकारों के किसानों से वर्चुवल बात भी करेंगे।

कृषि सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम के तहत लाभुकों के बीच पशुधन का वितरण होगा।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 40 हजार लाभुकों के बीच 154 करोड़ रुपये के पशुधन वितरण की स्वीकृति दी गई थी।

चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 147.71 करोड़ की लागत से 62,646 लाभुकों के बीच पशुधन वितरण का लक्ष्य है।

लाभुकों को पशुधन के साथ उसका चारा, पानी के लिए बोरिंग और पशुओं को रखने के लिए शेड निर्माण की भी व्यवस्था की गयी है।

सरकार किसानों को खेती-बारी में पूंजी के अभाव से बचाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर फोकस कर रही है।

इससे जहां किसानों को कम ब्याज दर पर बैंकों से कार्यशील पूंजी मिलेगी, वहीं किसान ऊंचे ब्याज दर वाले साहूकारों के कर्ज के जाल में भी नहीं फंसेंगे।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अप्रैल से अभी तक किसानों से केसीसी के लिए 6,86,661 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इनमें से 1,39,434 आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। शेष की स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।

हजारीबाग बाजार समिति ने बेहतर कार्य का नमूना प्रस्तुत करते हुए पूरे देश में सातवां स्थान पाया है। यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

कार्यक्रम के दौरान हजारीबाग बाजार समिति को मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। झारखंड की एक पहचान बड़े सब्जी उत्पादक के रूप में भी है।

उसके व्यवस्थित विपणन को लेकर भी राज्य सरकार गंभीर है। सब्जियों को ससमय बाजार तक पहुंचाना एक चुनौती है।

इसे लेकर सरकार ने वेजफेड के माध्यम से सब्जी बिक्रेता सहकारी संघ को 50 पिकअप वैन दिलाने की पहल की है। इससे सब्जियों को खराब होने के पहले बाजार तक पहुंचाना संभव होगा।

Share This Article