
आमिर खान ने हाल ही में मुंबई के व्हिस्लिंग वुड्स इंटरनेशनल में आयोजित स्क्रीन एकेडमी मास्टरक्लास के दौरान अपनी फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान की असफलता को लेकर खुलकर बात की। आमिर ने स्वीकार किया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर “बहुत बुरी तरह फ्लॉप” हुई थी। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को चुनते समय उनसे एक बड़ी गलती हुई थी, जिसका असर सीधे फिल्म के परिणाम पर पड़ा।
कहानी से ज्यादा किरदार को दी अहमियत
आमिर खान ने बताया कि वह आमतौर पर किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले उसकी कहानी को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दंगल के लिए उन्होंने उसकी दमदार कहानी की वजह से हां कहा था, न कि सिर्फ महावीर फोगाट के किरदार के कारण। उनके अनुसार, ‘दंगल’ जैसी फिल्मों में हर किरदार का अपना महत्व होता है और पूरी कहानी मजबूत होती है।
हालांकि, ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में उन्होंने पहली बार कहानी से ज्यादा अपने किरदार ‘फिरंगी’ पर ध्यान दिया। आमिर ने कहा कि उन्हें यह किरदार बेहद दिलचस्प लगा था, क्योंकि वह ऐसा इंसान था जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह कब सच बोल रहा है और कब झूठ, यह समझना मुश्किल था।
स्क्रिप्ट में बदलाव बनी सबसे बड़ी गलती
आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि दर्शकों ने थिएटर में जो फिल्म देखी, वह फिल्म की मूल स्क्रिप्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि कास्टिंग से जुड़े कारणों की वजह से फिल्म की स्क्रिप्ट में लगातार बदलाव किए गए। बाद में पूरी टीम को एहसास हुआ कि यही सबसे बड़ी गलती थी। आमिर के मुताबिक, निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य की ओरिजिनल स्क्रिप्ट काफी अलग और बेहतर थी, लेकिन बदलावों के चलते फिल्म अपनी मूल भावना से दूर हो गई।
‘शोले’ से की तुलना
आमिर खान ने फिल्म की कहानी की तुलना शोले से भी की। उन्होंने कहा कि ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की कहानी काफी हद तक ‘शोले’ जैसी थी। जैसे ‘शोले’ में ठाकुर की कहानी मुख्य थी और जय-वीरू उसकी मदद करते हैं, उसी तरह ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में जाफिरा की कहानी मुख्य थी और फिरंगी उसका साथ देता है।

