कोल्लम (केरलम) : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। शाह ने यहां कुंडारा में राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) के तहत सहकारी क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण को मजबूत करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से सहकारी समितियों की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा कि किसानों और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग आजादी के बाद से ही अलग सहकारिता मंत्रालय बनाए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और देश में ग्रामीण विकास, कृषि विकास तथा महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 10-12 वर्षों के दौरान मातृशक्ति को बढ़ावा देने और उनके सशक्तीकरण के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं। शाह ने कहा कि महिला कामगारों को उपलब्ध कराई गई विभिन्न सुविधाओं के कारण श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 2014-15 के 23 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगभग 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए नरेन्द्र मोदी ने ‘तीन तलाक’ पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया।’’ उन्होंने कहा कि पहले मुस्लिम महिलाओं को अकेले हज करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब वे बिना किसी पुरुष साथी के भी यह तीर्थयात्रा कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारतीय सशस्त्र बलों में 11,000 से अधिक बेटियां अधिकारी के रूप में सेवा दे रही हैं।’’ शाह ने मोदी सरकार के तहत सवैतनिक मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह किये जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य 2024 से पहले ही हासिल कर लिया गया था और भाजपा-नीत सरकार का लक्ष्य 2029 तक यह संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने का है।
‘लखपति दीदी’ वह स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्य होती हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होती है।


