
बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे ने हाल ही में अपने करियर, नेपोटिज्म और खुद को साबित करने के दबाव को लेकर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगातार अपनी प्रतिभा साबित करने का दबाव महसूस होता है, तो उन्होंने साफ कहा कि वह इस तरह का कोई दबाव महसूस नहीं करतीं।
अनन्या ने कहा, “मैं इस समय अपने काम का पूरा आनंद ले रही हूं। दर्शकों का प्यार मुझे बेहतर करने की प्रेरणा देता है। मैं नकारात्मक बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती। मैं अपने पिता चंकी पांडे की बेटी होने पर गर्व महसूस करती हूं और चाहती हूं कि अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकूं।”
नेपोटिज्म पर बोलीं- ‘मुझे मिले विशेषाधिकार स्वीकार हैं’
नेपोटिज्म को लेकर होने वाली चर्चाओं पर भी अनन्या ने ईमानदारी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा यह स्वीकार किया है कि उन्हें करियर की शुरुआत में कुछ विशेषाधिकार मिले थे और आज भी हैं।
उनके मुताबिक, “जब मुझे यह अवसर मिला, तो मेरा लक्ष्य सिर्फ इतना था कि मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाऊं और अपने काम से किसी को निराश न करूं।”
पहली फिल्म से मिली बड़ी सीख
अनन्या ने अपनी डेब्यू फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ को याद करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें फिल्म निर्माण की तकनीकी प्रक्रियाओं की ज्यादा जानकारी नहीं थी।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि उन्हें लगता था कि एक बार शॉट ओके हो गया तो काम खत्म हो जाता है, लेकिन बाद में समझ आया कि एक ही सीन को कई अलग-अलग एंगल से शूट किया जाता है। उन्होंने कहा कि वह आज भी खुद को एक छात्रा मानती हैं, जो हर फिल्म और हर सेट से कुछ नया सीखना चाहती है।
असुरक्षा और आत्म-संदेह को बताया सामान्य
अनन्या का मानना है कि असुरक्षा और खुद पर शक होना हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वह आज भी शूटिंग से पहले नर्वस होती हैं, लेकिन यही घबराहट उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने और लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही, उन्होंने खुद को अपनी सबसे बड़ी आलोचक बताते हुए कहा कि परिवार और करीबी लोगों का ईमानदार फीडबैक उन्हें लगातार आगे बढ़ने में मदद करता है।

