
भारतीय सिनेमा के चर्चित निर्देशक इम्तियाज अली ने अपनी सुपरहिट फिल्म जब वी मेट को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। इम्तियाज का कहना है कि उन्होंने इस फिल्म को कभी भी पारंपरिक प्रेम कहानी के रूप में नहीं लिखा था। उनके अनुसार, कहानी की शुरुआत दो बिल्कुल अलग स्वभाव के लोगों की मुलाकात से हुई थी। एक ओर जिंदगी से भरपूर, उत्साही और बेफिक्र लड़की थी, जबकि दूसरी ओर एक ऐसा व्यक्ति था जो निराशा और असमंजस में डूबा हुआ था। यही विरोधाभास फिल्म की असली ताकत बना।
किरदारों का भावनात्मक सफर बना फिल्म की जान
इम्तियाज अली के मुताबिक, उनके लिए यह कहानी रोमांस से ज्यादा भावनात्मक बदलाव और आत्म-खोज की यात्रा थी। फिल्म में दोनों मुख्य किरदार एक-दूसरे की जिंदगी पर गहरा प्रभाव डालते हैं और उनके व्यक्तित्व को नई दिशा देते हैं। यही कारण है कि फिल्म दर्शकों के दिलों में आज भी खास जगह बनाए हुए है। निर्देशक का मानना है कि रिश्तों की खूबसूरती सिर्फ प्रेम में नहीं, बल्कि एक-दूसरे को बेहतर इंसान बनाने में भी छिपी होती है।
हर अच्छी फिल्म में किसी न किसी रूप में होता है प्रेम
इम्तियाज ने कहा कि उनकी फिल्मों में रोमांस स्वाभाविक रूप से कहानी का हिस्सा बन जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इंटरस्टेलर और सेविंग प्राइवेट रयान जैसी फिल्में भी अपने तरीके से प्रेम की कहानियां हैं। उनके अनुसार, प्यार केवल लड़का-लड़की के रिश्ते तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह इंसानी भावनाओं और जुड़ाव का व्यापक रूप है। वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी नई फिल्म वापस आऊंगा 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

