
अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन लैशराम ने अपनी बेटी न्योमिका की अन्नप्राशन रस्म बेहद सादगी और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न की। इस अवसर पर परिवार और करीबी लोग एकत्र हुए और समारोह में मणिपुरी संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।
क्या है चाकुम्बा रस्म?
मणिपुरी मैतेई समुदाय में अन्नप्राशन संस्कार को “चाकुम्बा” कहा जाता है। यह बच्चे के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जब उसे पहली बार चावल खिलाकर ठोस आहार की शुरुआत कराई जाती है। इस परंपरा का सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व विशेष माना जाता है।
मेहमानों ने निभाई परंपरा
समारोह के दौरान मेहमान जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए, जो मणिपुरी परंपरा और सादगी का प्रतीक है। पूरे आयोजन में पारिवारिक अपनापन और सांस्कृतिक मूल्यों की झलक देखने को मिली।
रणदीप ने जताई भावनाएं
इस खास मौके पर रणदीप हुड्डा ने कहा कि जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं, जिन्हें हमेशा याद रखा जाता है। उन्होंने बताया कि बेटी न्योमिका की चाकुम्बा रस्म उनके परिवार के लिए एक बेहद भावुक और यादगार अवसर है। साथ ही उन्होंने समारोह में शामिल होकर बेटी को आशीर्वाद देने वाले सभी परिजनों और मित्रों का दिल से आभार व्यक्त किया।

