
अमरावती: आंध्र प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों ने 30 प्रतिशत मानदेय बढ़ाने की मांग तथा एमएससी एवं पीएचडी धारकों की नियुक्ति और सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखी। आंध्र प्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (एपीजेयूडीए) ने कहा कि सरकार ने उनका मानदेय तीन प्रतिशत बढ़ाने की पेशकश की है, जो “अस्वीकार्य” है। एपीजेयूडीए ने कहा, “हम 30 प्रतिशत मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल जारी रखे हुए हैं। साथ ही हम एमएससी और पीएचडी धारकों की नियुक्ति तथा सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव का भी विरोध कर रहे हैं।”
एसोसिएशन ने मंगलवार को घोषणा की थी कि हड़ताल का दूसरा चरण 12 अगस्त से जारी रहेगा। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और शिक्षण अस्पतालों में इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट, स्नातकोत्तर विद्यार्थी, सुपर-स्पेशियलिटी स्नातकोत्तर विद्यार्थी, डीआरपी के तहत तैनात स्नातकोत्तर विद्यार्थी, बाहरी स्थानों पर तैनात कर्मियों और सीनियर रेजिडेंट द्वारा सभी गैर-आपातकालीन सेवाओं का पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा।
हालांकि, एपीजेयूडीए ने कहा कि आपातकालीन, जीवन रक्षक और गंभीर देखभाल सेवाएं पूरे दिन न्यूनतम कर्मियों के साथ निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। इन सेवाओं में मेडिकल आईसीयू (एमआईसीयू), सर्जिकल आईसीयू (एसआईसीयू), बाल चिकित्सा आईसीयू (पीआईसीयू), नवजात आईसीयू (एनआईसीयू), आकस्मिक विभाग/आपातकालीन सेवाएं और प्रसव संबंधी आपातकालीन प्रक्रियाएं शामिल हैं। एपीजेयूडीए के सदस्य बुधवार से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक स्वैच्छिक क्रमिक भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

