बराकर नदी नाव हादसा : छह और मिले लाश, मरने वालों की संख्या हुई 14

News Aroma
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

जामताड़ा: झारखंड में जामताड़ा जिले के बराकर नदी में हुए नाव हादसे के पांचवें दिन सोमवार को नदी से छह और शव बरामद किए गए। इन्हें मिलाकर पिछले तीन दिनों में कुल 14 शव पानी से निकाले जा चुके हैं।

दुर्घटना के दिन चार लोगों को जिंदा निकाला गया था। इस तरह नाव में सवार कुल 18 लोगों का पता चल चुका है।

सोमवार को बराकर नदी से जिन लोगों के शव मिले, उनकी पहचान वीरग्राम के मनेश मंडल , मोफिज अंसारी, पंजनिया के पांडेश्वर मोहली, रसिक बास्की , श्यामपुर के रशीद अंसारी और पहरुडीह निवासी अफरोज अंसारी के रूप में की गई है।

इसके पहले रविवार को सात शव मिले थे, जबकि शनिवार को एक शव मिला था। मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग शामिल थे।

परिवार के ये चार लोग मेंझिया मोमिनपाड़ा निवासी अबुल अंसारी, उसकी पत्नी जुबिदा बीवी, बेटी गुलफसा खातून और बेटा अशरफ अंसारी के रूप में पहचाने गये।

इनके अलावा पंजनिया गांव के विनोद मोहाली,कर्माटांड प्रखंड के नवाडीह पंचायत के पहरूडीह निवासी तनवीर आलम तथा पश्चिम बंगाल की हलीमा खातून ो शव बरामद हुए हैं। शनिवार को सहेला खातून का शव मिला था।

गुरुवार को हुई दुर्घटना के शिकार लोगों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरफ) तथा स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पिछले 90 घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

नदी के घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा है। लापता लोगों को ढूंढने के लिए लगभग चार किमी परिक्षेत्र में मैपिंग कर अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

प्रशासन एवं पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अलग-अलग टीमें खोज में लगीं

उल्लेखनीय है कि बराकर नदी में बरबेंदिया- वीरगांव घाट पर गुरुवार की देर शाम नाव हादसे में कई लोग डूब गये। बताया जा रहा है कि नाव में 16 से 18 लोग सवार थे।

हालांकि, वास्तविक संख्या को लेकर अब तक अलग-अलग दावे हो रहे हैं। नदी से कई मोटरसाइकिलें, साइकिलें, पर्स और चप्पलें बरामद की गई हैं।

कई परिजन अपनों की खबर पाने के लिए गुरुवार रात से ही घाटों पर डेरा डाले हुए हैं।

बचाव कार्य में लगी टीम ने हादसे का शिकार हुई नाव को खोज निकाला है। अब भी बहुत सारे लोगों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।

घाट पर भारी पुलिस बल मौजूद

प्रशासन की टीम हादसे के बाद से ही मौके पर कैंप कर रही है। कई बार अधिकारियों को ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

इसके बावजूद अधिकारी और पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी से अपने काम में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के लोग भी मौके पर मौजूद हैं। एंबुलेंस की गाड़ियां मंगाई गई हैं।

Share This Article