अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा कौन है? हो उच्चस्तरीय जांच : अजय शाह

Archana Ekka
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : भाजपा ने प्रेसवार्ता के जरिये यह पूछा है कि ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को धमकाने वाला बबलू मिश्रा आखिर कौन है और उसे संरक्षण कौन दे रहा है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस व्यक्ति पर खुलेआम सरकारी अभियंताओं को डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने, अपमानित करने और मनचाहे ठेकेदारों को काम दिलाने का आरोप है, उसकी भूमिका की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच बेहद आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि बबलू मिश्रा के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों, स्टाफ और पीए के कॉल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण विकास कार्यालय में उसके आने-जाने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क और उसके प्रभाव का स्पष्ट खुलासा हो सके।

अजय साह ने आगे कहा कि जिस पत्र को मुख्य अभियंता, अभियंता प्रमुख और विभागीय सचिव को भेजा गया, उस पर 11 दिनों तक कोई कार्रवाई या प्रतिक्रिया न होना अत्यंत संदेहास्पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी द्वारा मामला संज्ञान में लेने के बाद ही अधिकारी सक्रिय हुए, वह भी निष्पक्ष जांच के लिए नहीं बल्कि मामले की लीपापोती करने के उद्देश्य से। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, ताकि उसकी सत्यता सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पत्रों में बबलू मिश्रा का उल्लेख होने के कारण उसकी भूमिका और हस्तक्षेप की जांच अनिवार्य हो जाती है।

अजय साह ने आरोप लगाया कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन झारखंड में “जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी” का मॉडल चला रहा है। इसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को गंभीर आरोपों के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया, जबकि आलमगीर आलम जैसे नेता को जेल में रहने के बावजूद प्रदेश कमिटी में स्थान देकर कांग्रेस द्वारा पुरस्कृत किया गया।

उन्होंने कहा कि भले ही वीरेंद्र राम और आलमगीर आलम आज सीधे तौर पर विभाग में सक्रिय न हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित भ्रष्टाचार का मॉडल आज भी विभाग में लागू है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी मौजूद थे।

Share This Article
अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।