
रांची: बोकारो की 18 वर्षीय युवती के लापता होने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने बोकारो पुलिस को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के अंदर मामले के मुख्य संदिग्ध का नार्को टेस्ट कराकर पूरी स्थिति रिपोर्ट पेश की जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब 24 जुलाई 2025 को घटना की जानकारी मिली थी, तो प्राथमिकी दर्ज करने में 4 अगस्त तक देरी क्यों हुई। इस दौरान बोकारो के एसपी भी कोर्ट में मौजूद रहे और उन्होंने बताया कि संदिग्ध का नार्को टेस्ट गुजरात में कराया जाएगा, जिसकी अनुमति पहले ही ली जा चुकी है।
जांच में देरी पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह जानना चाहा कि युवती 7 महीने से ज्यादा समय से लापता है, फिर भी अब तक उसकी बरामदगी क्यों नहीं हो पाई। पुलिस ने बताया कि बोकारो और आसपास के इलाकों में कई जगह छापेमारी की गई है और एक संदिग्ध को पकड़ा भी गया है। उससे पूछताछ जारी है और उसका नार्को टेस्ट कराने की तैयारी चल रही है।
केस से जुड़ी अहम जानकारी
मामले में पिंडराजोड़ा थाना के थाना प्रभारी के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 7 अप्रैल तय की है, जिस दिन नार्को टेस्ट की रिपोर्ट और केस की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। इस केस में युवती की मां ने हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। जानकारी के अनुसार, युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है और इस संबंध में थाना में कांड संख्या 147/2025 दर्ज किया गया है।
कॉल, पूछताछ और अब तक की स्थिति
परिजनों को 11 दिसंबर 2025 को एक फोन कॉल मिला था, जिसमें बताया गया कि युवती पुणे में है। इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि युवती उसके दोस्त के पास पुणे में है। पुलिस टीम युवती के पिता के साथ उस युवक को लेकर ट्रेन से पुणे जा रही थी, लेकिन रास्ते में वह युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस को युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है और तलाश जारी है।
