
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को कोलकाता मेट्रो रेल परियोजना के एक गलियारे के निर्माण में ‘‘बाधाएं पैदा करने’’ के लिए कड़ी फटकार लगायी और उससे कहा कि आम जनता के हित वाली विकास परियोजना का राजनीतिकरण नहीं किया जाए। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय को परियोजना की निगरानी करने का निर्देश दिया।

