2030-31 तक बिजली वितरण निगम को चाहिए 18 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व

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रांची: झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने आने वाले वर्षों के लिए अपना बिजनेस प्लान तैयार कर झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। इस प्लान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2030-31 में निगम को कुल 18,363.19 करोड़ रुपये के राजस्व की जरूरत होगी। वहीं, इसी साल यानी वर्तमान वित्तीय वर्ष में निगम को करीब 7,998.29 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

2030-31 में बिजली खरीद पर बड़ा खर्च

बिजनेस प्लान में यह भी बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2030-31 में निगम लगभग 14,104.21 करोड़ रुपये की बिजली खरीदेगा। हर साल बिजली खरीद और राजस्व की जरूरत में लगातार बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में जहां राजस्व की जरूरत 12,678.17 करोड़ रुपये होगी, वहीं 2029-30 तक यह बढ़कर 16,846.60 करोड़ रुपये पहुंच जाएगी। इसी तरह बिजली खरीद पर खर्च भी 2026-27 में 9,836.89 करोड़ रुपये से बढ़कर 2030-31 में 14,104.21 करोड़ रुपये हो जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं से सबसे ज्यादा कमाई

इस साल मिले कुल राजस्व में सबसे बड़ा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं का रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं से निगम को 4,404.29 करोड़ रुपये मिले। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एचटी श्रेणी से 2,169.93 करोड़, कॉमर्शियल से 900.42 करोड़ और इंडस्ट्रियल एलटी से 284.02 करोड़ रुपये की आय हुई।

उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ेगी

निगम के अनुमान के अनुसार राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी लगातार बढ़ेगी। वर्ष 2026-27 में जहां उपभोक्ताओं की संख्या करीब 59 लाख होगी, वहीं 2030-31 तक यह बढ़कर 70.92 लाख तक पहुंच सकती है।

किस श्रेणी में कितने उपभोक्ता

2030-31 तक घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा 59.87 लाख रहने का अनुमान है। इसके अलावा कॉमर्शियल में 7.60 लाख, कृषि में 2.76 लाख, इंडस्ट्रियल एलटी में 61,995 और इंडस्ट्रियल एचटी में 3,921 उपभोक्ता होने की संभावना जताई गई है।

इस तरह, JBVNL का यह बिजनेस प्लान आने वाले वर्षों में बिजली व्यवस्था और वित्तीय जरूरतों की साफ तस्वीर पेश करता है।

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