

कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गिरफ्तार बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की उस अर्ज़ी को सोमवार को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने एक महिला की याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। महिला ने आरोप लगाया था कि पोरेल ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। पोरेल के वकील मयूख मुखर्जी ने जल्द सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा कि क्रिकेटर 11 अगस्त से हिरासत में हैं, उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं और अधीनस्थ अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। याचिका पर अभी 14 सितंबर को सुनवाई होनी है।





मुखर्जी ने कहा कि पोरेल की जमानत याचिका को सुनवाई अदालत ने इसलिए खारिज कर दिया था क्योंकि कथित पीड़िता की याचिका उच्च न्यायालय में लंबित थी। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल टीम के लिए चयन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने हालांकि सुनवाई जल्दी करने से इनकार कर दिया और कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। पोरेल के वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पहले ही क्रिकेटर की गिरफ्तारी और उन उपकरणों को जब्त करने का निर्देश दिया था जिनमें आपत्तिजनक जानकारी हो सकती थी।
उच्च न्यायालय ने पुलिस को आदेश दिया था कि शिकायतकर्ता की तस्वीरें प्रसारित होने से रोकने के लिए पोरेल को गिरफ्तार किया जाए और उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाएं। ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल चुके पोरेल को हुगली जिले में पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक मेडिकल छात्रा की शिकायत पर की गई, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि पोरेल ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
