
900 Crore Fraud: पार्ट टाइम जॉब और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अशोक कुमार को गुरुग्राम से गिरफ्तार (Arrest) किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे घोटाले में करीब 900 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया और फिर उनके साथ धोखाधड़ी की।
गृह मंत्रालय की सूचना के बाद शुरू हुई जांच
मिली जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय से सूचना मिलने के बाद CBI ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में कुल 15 स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
फर्जी कंपनियों के जरिए लोगों को बनाया शिकार
जांच में सामने आया कि ठगों ने कई फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को Part Time Jobs और निवेश के नाम पर फंसाया। कंपनी की वेबसाइट पर फर्जी मुनाफे के आंकड़े दिखाए जाते थे, जिससे लोग ज्यादा पैसे लगाने के लिए प्रेरित हो जाते थे।
म्यूल बैंक अकाउंट और विदेशी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल
ठगी से मिले पैसों को छिपाने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट का उपयोग किया गया। इसके बाद दुबई स्थित फिनटेक प्लेटफॉर्म PyypI की मदद से पैसे को शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांजैक्शन
जांच में यह भी पता चला कि इन शेल कंपनियों के जरिए पैसे को Virtual Asset Exchange के माध्यम से USDT में बदला गया और फिर क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने इस मामले से जुड़े कई खातों को फ्रीज कर दिया है।
दस्तावेज लेकर लोगों को बनाया कंपनी का निदेशक
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों से पता चला कि कई लोगों को बिना जानकारी दिए शेल कंपनियों में निदेशक बना दिया गया था।
इसके लिए अलग-अलग बहाने से उनके दस्तावेज लिए गए थे। फिलहाल गिरफ्तार किए गए CA अशोक कुमार से पूछताछ जारी है और इस ठगी में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
