रांची : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को अपने बयानों के माध्यम से निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में 13 फरवरी को निर्वाचन आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की मांग को दोहराया। श्री मरांडी ने कहा कि आगामी 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकाय चुनाव क्षेत्रों में मतदान होंगे। लेकिन अभी तक मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाने का निर्णय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम से चुनाव होने के बावजूद मतदान केंद्रों, स्ट्रॉग रूम और मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी लगाया जाता रहा है लेकिन निकाय चुनाव को राज्य सरकार ने बैलेट से कराने का निर्णय लिया है जिसमें बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और बोगस मतदान से इनकार नहीं किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस प्रशासन से जनता का भरोसा दिनों-दिन समाप्त होता जा रहा है। जब पुलिस के कप्तान ही आरोपी हों, पोस्टिंग नियम विरुद्ध हो फिर उनके अधीनस्थ पर कैसे भरोसा किया जा सकेगा।

बाबूलाल ने कहा कि हेमंत सरकार निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी। पर न्यायालय के सख्त निर्देश और भाजपा के आंदोलनों के दबाव में राज्य सरकार चुनाव कराने को बाध्य हुई है। लेकिन इसे दलीय आधार पर नहीं कराने के पीछे राज्य सरकार को हार का सता रहा भय ही है। राज्य सरकार बैलेट के माध्यम से चुनाव कराकर पुलिस प्रशासन के माध्यम से चुनाव को अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में प्रभावित करना चाहती है।उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव चाहती है। जिस प्रकार से राज्य में अपराधी बेलगाम हैं,उनका मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।ऐसे में बिना केंद्रीय बल के देखरेख के निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।
भाजपा इसीलिए निर्वाचन आयोग से मांग कर रही कि राज्य में शांतिपूर्ण ,भयमुक्त ,निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने केलिए सभी बूथों पर,स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती हो तथा मतदान केंद्रों और मत गणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए।




