
Big decision of Home Ministry : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों और अधिकारियों के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर CISF मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को मिलने वाले कठिनाई भत्ते को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
इस फैसले का असर झारखंड और पश्चिम बंगाल की कई इकाइयों में तैनात हजारों सुरक्षाकर्मियों के वेतन पर पड़ेगा। यह निर्णय केंद्र सरकार के ‘नक्सल मुक्त भारत’ लक्ष्य के तहत लिया गया है, जिसके अंतर्गत 31 मार्च तक देश को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मंत्रालय का मानना है कि कई क्षेत्रों में अब नक्सली गतिविधियां काफी कम हो चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त भत्ता देना आवश्यक नहीं रह गया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 से लागू इस व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया गया है। इससे पहले कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के कर्मियों को लगभग 10,000 रुपये प्रति माह और सहायक कमांडेंट से लेकर डीआईजी स्तर के अधिकारियों को करीब 17,000 रुपये प्रतिमाह कठिनाई भत्ता दिया जाता था।
इस फैसले से प्रभावित प्रमुख इकाइयों में बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (BTPS) और चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) शामिल हैं।
CISF मुख्यालय के अनुसार, कुल 55 इकाइयों में से 43 इकाइयां पूर्वी सेक्टर (रांची) के अंतर्गत आती हैं, जहां इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। इनमें बोकारो, धनबाद, रांची, हजारीबाग, कोडरमा, गया, पटना और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
करीब 15 हजार CISF कर्मियों पर इस निर्णय का सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनकी मासिक आय में कमी आएगी।
