
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के एक कथित बयान को लेकर देशभर में सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। मुख्य न्यायाधीश के एक कथित बयान में कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से किए जाने के बाद युवाओं में नाराज़गी देखने को मिली। हालांकि बाद में इस टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण भी सामने आया कि बयान का संदर्भ कुछ अलग था। इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर एक नया और अनोखा ट्रेंड खड़ा कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन तेजी से वायरल हो गया है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने इस पेज को कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने फॉलो करना शुरू कर दिया। वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस पेज के फॉलोअर्स कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों से भी ज्यादा हो गए हैं, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई है।
युवाओं का व्यंग्यात्मक विरोध या नया डिजिटल आंदोलन?
बताया जा रहा है कि यह ऑनलाइन अभियान पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की नाराज़गी और सिस्टम पर तंज के रूप में सामने आया है। सोशल मीडिया पर कई युवाओं ने कहा कि अगर उन्हें “कॉकरोच” कहा जाता है, तो वे उसी नाम को अपनी पहचान बनाकर जवाब दे रहे हैं।
कौन चला रहा है यह पेज?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक के रूप में अभिजीत डिपके का नाम सामने आया है। यह पेज खुद को युवाओं की आवाज बताता है और राजनीतिक व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस पूरे मामले के बाद इंटरनेट पर मीम्स, पोस्ट और वीडियो की भरमार हो गई है। कई लोग इसे युवाओं के गुस्से की डिजिटल अभिव्यक्ति मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक ट्रेंड और व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया मूवमेंट बता रहे हैं।

