
नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में उछाल के साथ वाणिज्यिक एलपीजी और पांच किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में अब तक की सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। होटल एवं रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़ाकर रिकॉर्ड 3,071.50 रुपये कर दी गई है। वहीं, पांच किलोग्राम एफटीएल या बाजार मूल्य वाले एलपीजी सिलेंडर की दर में करीब 261 रुपये वृद्धि की गई है। इसके दाम 549 रुपये से बढ़ाकर 810.50 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिए गए हैं। अब पांच किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर की 913 रुपये की कीमत से थोड़ा ही कम रह गई है।
इसके अलावा, दूरसंचार सिग्नल टावर जैसे औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले थोक डीजल की कीमत लगभग 137 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 149 रुपये प्रति लीटर से अधिक कर दी गई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम सिलेंडर) की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर (5.33 प्रतिशत) बढ़ाकर 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर कर दी है। हालांकि, घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमत 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर पर स्थिर रखी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने विमानन कंपनियों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि को स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कह दिया था- चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी। आज कमर्शियल गैस सिलेंडर 993 रुपये महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है। फरवरी से अब तक 1,380 रुपये की बढ़ोतरी, सिर्फ 3 महीनों में 81 फीसदी का इजाफा। चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई- हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा। पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीजल पर।’
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच सरकारी सूत्रों ने निकट भविष्य में पेट्रोल एवं डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इस सप्ताह बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल के चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि, इसमें हल्की गिरावट आई है, फिर भी कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।

