‘मंत्री प्रधान’ के बाद अब प्रधानमंत्री की बारी: कांग्रेस

ईसीआईनेट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, जयराम रमेश ने खामियों के आरोपों के बीच पीएम मोदी पर निशाना साधा और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा।

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामला समेत अन्य विषयों को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था और अब निर्वाचन आयोग एवं एसआईआर से जुड़ी अनियमितता के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बारी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मीडिया में आई एक खबर का हवाला देते हुए यह भी कहा कि एक साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने आठ जुलाई, 2026 को निर्वाचन आयोग को उसके ‘ईसीआईनेट’ ऐप में मौजूद कई खामियों के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उसकी कई चिंताओं में से सिर्फ एक पर छह अक्टूबर को संज्ञान लिया गया जब निर्वाचन आयोग चौतरफा आलोचना का सामना कर रहा था।

खबर में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि उसने जुलाई में निर्वाचन आयोग की मतदाता सेवा वेबसाइट और उसके ‘ईसीआईनेट’ ऐप में खामियों के बारे में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) तथा देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘सीईआरटी-इन’ का ध्यान आकृष्ट करते हुए इसे लेकर चेतावनी दी थी। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि यह स्पष्ट होता जा रहा है कि ‘ईसीआईनेट’ को इस तरह तैयार किया गया था कि मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम विलोपन और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को नयी दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित किया जा सके।

उन्होंने दावा किया कि संबंधित सुरक्षा शोधकर्ता वही युवा छात्र है, जिसने कुछ महीने पहले सीबीएसई की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली की खामियों को पूरी तरह उजागर किया था। रमेश ने अपने पोस्ट में कहा कि उस खुलासे ने अन्य बातों के साथ ‘‘मंत्री प्रधान’’ के राजनीतिक भविष्य पर असर डाला था और अब निर्वाचन आयोग के मामले में ‘‘प्रधानमंत्री की बारी’’ है। निर्वाचन आयोग की ओर से रमेश के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

रमेश की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ‘ईसीआईनेट’ और निर्वाचन प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। ‘ईसीआईनेट’ निर्वाचन आयोग का डिजिटल मंच है। इसके माध्यम से मतदाता सेवाएं, चुनाव संबंधी जानकारी, अधिकारियों के लिए कार्यप्रणाली और विभिन्न निर्वाचन प्रक्रियाएं एकीकृत रूप से संचालित की जाती हैं। कांग्रेस निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।